माँ का आंगन

माँ का आंगन
जिसका नही है कोई सीमांकन
जहां गूंजता है 
खुशियो का स्पंदन।
पिता के संरंक्षण में, माँ के आंचल तले, 
इस आंगन में मिलता है 
भाइयों का दुलार, और भाभियो का मनुहार।
परिपूर्ण है ये बचपन की अटखेलियों से
विश्रांति देता है , 
उत्तरदायित्व की पिटारियों से।
जगत में सबसे अधिक आरामदायक,
माँ का आंगन होता है, स्फूर्तिदायक।
पीहर से आई बेटी के लिए अविस्मरणीय
माँ का आंगन ही होता है रमणीय।


रुचि, 🙏

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