हिंदी......मेरी मातृभाषा

हिंदी मेरी भाषा है,
ये मेरी मातृ भाषा है
हिंदी मेरा अभिमान है
हिंदी से मेरा सम्मान है
ये हर हिंदू की अभिलाषा है
हर हिंदू की परिभाषा है,
ये मेरी मातृभाषा है।

इससे प्रकाशित सर्वथा हिंदुत्व हो
हिंदी पर हर हिंदू का प्रभुत्व हो।
क्यूं क्षीण हो रहा इसका अस्तित्व है
इसका तो हर कोने में स्वामित्व है।
ये हिंदुओ की भाषा है, 
ये हिंदी है,
ये मेरी मातृभाषा है।

हिंदी  की हो चहुंओर खनक
भारतेंदु हैं जिसके जनक।
चंदबरदाई ने लिखी जिसमे कविता,
इस भाषा में निहित है शुचिता।
ये वेदों की परिभाषा है, 
ये हिंदी है
ये मेरी मातृभाषा है।

हिंदी में हर भावना का शब्द है
इसकी विशालता से संपूर्ण विश्व स्तब्ध है 
विरामचिन्ह  से सार्थक हर शब्द है
अथाह शब्द सागर लिए शब्द "नि:शब्द "है।
ये भारतीयता की परिभाषा है 
ये मेरी मातृभाषा है। ये हिंदी है।
सम्मान मिले इसे राष्ट्र भाषा का 
ये हिंदी है, हिंदी मेरी मातृभाषा है।


RAJ 




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