आखिर दीपावली है क्या
दीपोत्सव
दियों की जगमगाहट
पटाखों की गड़गड़ाहट
मिठाइयों का स्वाद
या नए वर्ष का उन्माद
आखिर दीपावली है क्या?
दीपावली है स्वच्छता का पर्व,
वर्ष भर की बुराइयों के,
दीपावली है नवल ऊर्जा का पर्व
दीवारों की रंग रोगन से।
दीपो की माला हर लेती
द्वेष, छल , कपट का तम।
आतिशबाजियों की गड़गड़ाहट
जैसे निश्चल मन की खिलखिलाहट।
ये मात्र उत्सव नहीं
जीवन का एक ढंग है।
रंगोली की तरह सजता
जीवन का एक रंग है ।
इस रंग का हर कण बटोर लो
दीपमयि सागर में हिलोर लो।
सुरक्षित व सुखमय दीपावली हो
यही आकांक्षा आपको अर्पित
सपरिवार "शुभ दीपावली" हो
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