वक्त....
ए वक्त जरा धीमे से चल
बहुत से अरमां अभी बाकी है।
अभी तो समझें है जिंदगी को
उसे "समझाना" अभी बाकी है।
अभी तो संभले हैं हालात,जरा से;
जज़्बात संभालना बाकी है।
अभी तो टूटी है नींद,
सपने संजोना अभी बाकी है।
अभी तो मिले हैं खुद से
एक पूरी मुलाक़ात अभी बाकी है।
ए वक्त ज़रा धीमे से चल,
तेरे गुजरने का अहसास अभी बाकी है।
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