संस्कार....
संस्कार क्या है ?
एक व्यक्ति के व्यक्तित्व का आईना
व्यक्ति में निहित परिवार का आईना।
किसी के शब्दों से, उसके वर्तन से,
परिलक्षित होता है संस्कार,उसके चाल-चलन से,
इनसे कोई स्पर्श कर जाता "हृदय को",और
कोई व्यथित कर जाता मन को।
जितना ही सुगम है
संस्कारो के प्रतिबिंब का दृश्यन,
उतना ही कठिन है
संस्कारो के सुव्यवस्थित बीज का रोपण।
संस्कारो के बीज तो वैसे ही हैं जैसे
आम के बीज,
रोपित करे कोई एक
किंतु फल और छाया पायें अनेक।
ये बीज है वैसे, जैसे बबूल के
रोपित करे कोई एक
उसके कांटो से चोटिल हों अनेक।
सुसंस्कार आकर्षित करे दुनिया को,और
संस्कारहीनता अवनति की ओर
ले जाय कदमों को।
संस्कारित बनें,
सुसंस्कार रोपित करें।
आज के "अपने" प्रयत्न से
"सबका" कल पुलकित करें।
R.A.J.🙏
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